
Tokyo International Conference on African Development (TICAD)
- जापान ने 20-22 अगस्त 2025 को योकोहामा में 9वें टोक्यो इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन अफ्रीकन डेवलपमेंट (TICAD 9) की मेज़बानी की।
- TICAD 9 जापान और अफ्रीकी देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने का मंच है।
- यह सहायता के साथ-साथ निवेश, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
- इसके तहत जापान और अफ्रीकी देशों के बीच नए निवेश समझौते और द्विपक्षीय निवेश संधियों पर हस्ताक्षर हुए।
- मुख्य उद्देश्य जापान के निजी क्षेत्र की भागीदारी को आसान बनाना और अफ्रीका में निवेश व औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना।
- अवसंरचना, तकनीक, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में नई परियोजनाएँ शुरू हुईं।
- स्टार्टअप कनेक्ट प्रोग्राम और हाइड्रोजन व अमोनिया ऊर्जा सहयोग की पहल की गई।
- शांति स्थापना, रोजगार सृजन और पर्यावरणीय सहयोग को मजबूती दी गई।
दृष्टिकोण
- जापान अफ्रीका को एक सहयोगी भागीदार के रूप में देख रहा है, न कि केवल एक बाज़ार के रूप में।
- अफ्रीका की युवा जनसंख्या को नवाचार और डिजिटल विकास का इंजन माना गया है।
- स्थानीय उत्पादन, शिक्षा, स्वास्थ्य ढांचे और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अफ्रीका की भूमिका को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारत के परिप्रेक्ष्य में महत्व
- अफ्रीकी देशों को जापान की पूंजी, तकनीक और नवाचार का लाभ मिलेगा, जो चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
- भारत और जापान अफ्रीका में पूरक साझेदारी कर सकते हैं, जो चीन के प्रभाव को संतुलित कर सकती है।
- ऊर्जा, खनिज, डिजिटल तकनीक और क्षमता निर्माण में भारत-जापान सहयोग अफ्रीका के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर सकता है।