
Adi Karmayogi Abhiyaan: Responsible Governance Program
- केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से 19 अगस्त 2025 को आदि कर्मयोगी अभियान की शुरुआत की।
- इसे विश्व का सबसे बड़ा जनजातीय नेतृत्व कार्यक्रम माना गया है।
- उद्देश्य: जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना, नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देना और स्थानीय नेतृत्व के अवसर तैयार करना है।
प्रमुख पहलें
- जनजातीय बहुल गांवों में आदि सेवा केंद्र स्थापित होंगे, जहां अधिकारी और समुदाय मिलकर समस्याओं का समाधान करेंगे और युवाओं को मार्गदर्शन देंगे।
- हर पखवाड़े ‘आदि सेवा समय’ के तहत 1–2 घंटे समर्पित किए जाएंगे।
- शासन प्रयोगशालाएं राज्य से ग्राम स्तर तक चलाई जाएंगी।
- ग्राम कार्य योजनाएं सतत विकास लक्ष्यों और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप होंगी।
- सरकारी योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी।
स्वयंसेवकों की भूमिका
- आदि सहयोगी: शिक्षक, चिकित्सक, पेशेवर – समुदाय को मार्गदर्शन देंगे।
- आदि साथी: स्वयं सहायता समूह सदस्य, बुजुर्ग, युवा और स्थानीय नेता – कार्यान्वयन व जनसंपर्क में मदद करेंगे।
- नेतृत्व प्रशिक्षण: जनजातीय युवा, महिलाएं और सामुदायिक नेता शासन, समस्या समाधान हेतु प्रशिक्षित होंगे।
- इसके अलावा यह अभियान 1 लाख से अधिक जनजातीय गांवों तक पहुंचेगा।
- 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 550 जिलों में 20 लाख स्वयंसेवक संगठित होंगे।
- यह पहल प्रमुख सरकारी अभियानों से जैसे धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन जुड़ी है।