
Indigenous Integrated Air Defence Weapon System (IADWS)
- सुदर्शन चक्र के तहत 23 अगस्त 2025 को भारत ने पहली बार स्वदेशी IADWS की उड़ान का सफल परीक्षण किया।
- DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने इस परीक्षण के दौरान तीन अलग-अलग लक्ष्यों (2 हाई-स्पीड फिक्स्ड-विंग ड्रोन और 1 मल्टीकॉप्टर ड्रोन) को मार गिराया।
- उद्देश्य: कई दिशाओं से आने वाले ड्रोन और हवाई हमलों से सुरक्षा कवच प्रदान करना।
- यह प्रणाली पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में सुदर्शन चक्र मिशन की घोषणा की थी।
‘सुदर्शन चक्र’ राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली
बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली के घटक: 1. क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM) 2. वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) 3. लेजर-आधारित डायरेक्ट एनर्जी वेपन (DEW)
कार्यप्रणाली 1. रडार यूनिट: आने वाले खतरों का पता लगाती है और उन्हें वर्गीकृत करती है। 2. कमांड सेंटर: खतरे के प्रकार के अनुसार हथियार प्रणाली को सक्रिय करता है।
सुदर्शन चक्र प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ
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